मिलिए सीकर के पवन ढाका जी से — जिनके लिए दौड़ सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि जुनून है।
📅 2013 में हर्ष पर्वत से पैदल ट्रेकिंग से शुरुआत करने वाले पवन जी ने अपनी पहली मैराथन दिल्ली से शुरू की… और फिर रुकना सीखा ही नहीं।
🏔️ आज वे सैकड़ों मैराथन पूरी कर चुके हैं, लद्दाख मैराथन के खारदुंग ला और सिल्क रूट जैसे कठिन ट्रैक भी फिनिश कर चुके हैं, और कई बार अपनी कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
🏆 उनकी सबसे खास बात — एक बार किसी चुनौती को पूरा करने का ठान लें, तो उसे पूरा किए बिना लौटते नहीं हैं।
🎵 तेजाजी के भजनों पर नाचते-गाते दौड़ते हुए, पवन ढाका जी आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनका मिशन है — युवाओं को नशे से दूर रखना और एक स्वस्थ समाज बनाना।