कुछ लोग सिर्फ दौड़ते हैं… और कुछ लोग अपनी LIMITS को पीछे छोड़कर इतिहास बना देते हैं। संजीव कुलहरी जी उन्हीं लोगों में से एक हैं।
🫁 Lung Cancer… 10 घंटे लंबी SURGERY… फेफड़े का आधा हिस्सा निकाल दिया गया। जहाँ लोगों के लिए सामान्य सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है, वहीं से संजीव जी ने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की।
🔥 दर्द को कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी STRENGTH बनाकर उन्होंने खुद को फिर से तैयार किया — एक RUNNER के रूप में।
🏔️ आज वही संजीव जी Khardung La जैसे दुनिया के सबसे कठिन ROUTES, Comrades 90KM Ultra Marathon और देश-विदेश की कई बड़ी ENDURANCE CHALLENGES को पूरा कर चुके हैं।
💨 जो फेफड़े कभी उनका साथ छोड़ रहे थे, आज वही उन्हें पहाड़ों, रेगिस्तानों और समंदरों की लंबी यात्राएँ तय करवाते हैं। लेकिन उनकी असली जीत सिर्फ मेडल नहीं है…उनका असली मिशन है लोगों को उम्मीद देना।